रविवार, 23 जनवरी 2011

एक कोशिश तो कीजिये...



बिहार के मधुबनी जिले की पहचान आमतौर पर मिथिला पेंटिंग के साथ माछ(फिश ),पान और माखन से है.पर इस जिले की एक और खासियत है.यहाँ के लोग कोशिश करने से कभी पीछे नहीं हटते.हम आपको एक ऐसे ही शख्स की कहानी ब्लॉग के ज़रिये बता रहे है.फोटो में जो शख्स रिक्शा के पास खड़ा है.वो मधुबनी जिले के झंझारपुर का रहने वाला मजलूम नदाफ है.कुछ दिनों पहले तक इनकी जिन्द्गगी में खुशिया नहीं के बराबर थी.बार-बार सरकारी दफ्तर का चक्कर काटने के बाद भी नदाफ को इंदिरा आवास नहीं मिल रहा था.लेकिन साल २००६ में नदाफ ने सूचना के अधिकार का इस्तेमाल किया.और महज दस दिनों के अन्दर बिना रिश्वत दिए इन्हें इंदिरा आवास मिल गया.तभी से नदाफ ने ये बीड़ा उठाया कि.वो सभी को सूचना के अधिकार के बारे में बताएगा.ताकि दूसरे लोगो को भी इसका लाभ मिल सके.वही नदाफ की इस उपलब्धि से आसपास के लोग खासे प्रभावित है.और नदाफ की सराहना करते नहीं थकते.नदाफ की सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि .सूचना के अधिकार के इस तरह से इस्तेमाल के लिए उसे "बेस्ट सिटिजनशिप अवार्ड" से नवाजा गया .अनपढ़ नदाफ भले इस सम्मान की भव्यता से वाकिफ न हो.लेकिन उसकी ये पहल ज़रूर काबिले तारीफ है.याद रखियेगा.कोशिशे हमेशा कामयाब होती है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ओलंपिक में भारत की आशाएं

हर 4 साल पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता ओलंपिक आयोजित की जाती है...दुनिया भर के देश हिस्सा लेते हैं..करीब 300 से ज्यादा गोल्ड मेडल के लिए खिल...