
नाक्सालियो की बातो पर गौर करें तो लगता है की वे ही आदिवाशियो के सबसे बड़े परोकर है.पर खुनी तांडव देकने क बाद लगता है की सामंतवाद,पूजीवाद और सामाजिक असमानता को मिटने के टारगे पर बनाया गया ये विचार या यु कहें की नाक्साली अभियान का मकसद शायद खुद नाक्सालियो के पनाह गाह बने घने जंगलो की अंजन सी राहों में खो गई है.
